अप्रैल फूल्स डे हंसी-मज़ाक और मस्ती का दिन है. एक अप्रैल को मनाया जाने वाला यह दिन शरारत भरे मज़ाक और हल्के-फुल्के मनोरंजन का मौक़ा होता है. इसी मौक़े पर सोनी सब और एण्ड टीवी के सितारों ने अपने सेट पर किए गए मज़ेदार प्रैंक्स और बैक स्टेज मस्ती के क़िस्से साझा किए.
कलाकार अपने सबसे यादगार और मज़ेदार प्रैंक मोमेंट्स भी शेयर कर रहे हैं, जो उन्होंने अपने को-स्टार्स और अपनों के साथ बिताएं. इन पलों ने न केवल हंसी के फव्वारे छोड़े, बल्कि उनके रिश्तों को और भी मज़बूत बना दिया. यह कलाकार हैं- विदिशा श्रीवास्तव (अनीता भाभी, भाबीजी घर पर हैं), तेजस्विनी सिंह (भीमा, भीमा), सोनल पंवार (मलाइका, हप्पू की उलटन पलटन), चिन्मयी साल्वी (सखी, वागले की दुनिया), देशना दुग्गड़-दर्शन गुर्जर (राशि-चिराग, पुष्पा इम्पॉसिबल)
इस बार उन्होंने चतुराई से भरी ट्रिक्स और शरारतों से अप्रैल फूल्स डे पर मिले सबसे मज़ेदार अनुभवों को याद किया है, जिन्होंने हर किसी को लोटपोट कर दिया और सेट पर बीते उन पलों को बेहद ख़ास बना दिया.

विदिशा श्रीवास्तव- अप्रैल फूल्स डे मुझे बहुत पसंद है. मुझे मज़ाक के बाद लोगों का चेहरा देखकर बड़ा अच्छा लगता है. मैंने एक साल मेरे पति सायक के साथ कुछ मज़ाक करने का फ़ैसला लिया और वह पल उन्हें आज भी याद है. मैंने शूटिंग के बीच उन्हें कॉल किया और बड़ी गंभीर आवाज़ में कहा कि ‘सुनो, आपको घबराना नहीं है, लेकिन मैंने अनीता भाबी की नई कहानी के लिए ग़लती से अपने बालों पर नियॉन पिंक कलर करवाया है, जो अब हट नहीं सकता' उधर से बड़ी देर तक कोई आवाज़ नहीं आई और फिर उन्होंने कहा, ‘नियॉन... अब क्या होगा?' हमारी मेकअप टीम की मदद से मैंने उन्हें चमकीले गुलाबी बालों वाली एक फोटोशॉप की हुई सेल्फी भी भेज दी. वह गूगल पर हमारे सेट के आसपास हेयर कलर करेक्शन क्लिनिक्स खोजने लगे. आख़िरकार मैं ज़ोर से हंसी और धीरे से बोली, ‘अप्रैल फूल!’ यह सुनकर बेचारे मेरे पति को बड़ी राहत मिली और वह थोड़े नाराज़ भी हो गए थे! लेकिन बाद में उन्होंने माना कि वह बहुत अच्छे तरीक़े से किया गया एक प्रैंक था. इसके बाद से 1 अप्रैल को मैं जब भी उन्हें कॉल करती हूं, तब वह बड़े सावधान हो जाते हैं.
चिन्मयी साल्वी- अप्रैल फूल्स डे अपने अंदर के प्रैंकस्टर को बाहर लाने का परफेक्ट मौक़ा है. ‘वागले की दुनिया’ के सेट पर हम एक-दूसरे के साथ प्रैंक करना बहुत पसंद करते हैं. एक बार, मैंने परिवा दीदी के साथ मिलकर सुमित सर को यक़ीन दिला दिया कि उनके लिए एक इमोशनल सीन लास्ट मिनट में जोड़ा गया है. उनकी रिहर्सल शुरू होते ही जब उन्हें एहसास हुआ कि हम सिर्फ़ मज़ाक कर रहे थे, तो उनकी प्रतिक्रिया देखने लायक थी! शो की सबसे अच्छी बात यह है कि हम एक वास्तविक परिवार की तरह हैं, ऑन और ऑफ स्क्रीन दोनों पर.

देशना दुग्गड़- मैं हमेशा सोचती हूं कि मैं एक कदम आगे हूं, लेकिन अप्रैल फूल्स डे पर मैं अतिरिक्त सतर्क रहती हूं. सेट पर कोई भी यह कहे कि शूट कैंसिल हो गया है या लंच टाइम जल्दी हो गया है, तो समझ लीजिए कि यह भी एक प्रैंक हो सकता है. एक बार, मैंने गरिमा के साथ मिलकर अपने डायरेक्टर को यक़ीन दिला दिया कि मैं अपनी लाइन्स पूरी तरह से भूल गई हूं. उनका एक्सप्रेशन देखने लायक था. प्रैंक्स की बात करें तो सेट्स पर हमने ख़ूब मस्ती की है. यह सब मज़ाक था.

इसी वजह से पुष्पा इम्पॉसिबल शो में काम करना मज़ेदार हो जाता है, भले ही शूटिंग के दिन बहुत लंबे हो. ईमानदारी से कहूं तो थोड़ी-बहुत मौज-मस्ती न हो तो जीने में क्या ही मज़ा रह जाएगा?

तेजस्विनी सिंह- मेरे भीतर एक शरारती बच्ची छुपी है, जिसे अपने साथी कलाकारों के साथ मज़ाक करना बहुत अच्छा लगता है और यह काम सिर्फ़ अप्रैल फूल्स डे पर नहीं, बल्कि पूरे साल होता है. सबसे बेहतरीन प्रैंक्स में से एक मैंने स्मिता दीदी के साथ किया था, जो ‘भीमा’ में मेरी ऑन स्क्रीन मां धनिया बनी हैं. एक दिन मैं उनके आने से पहले मेकअप रूम में छुप गई और मैंने उनके फोन की रिंगटोन को बदलकर बकरे के मिमियाने जैसी तेज आवाज़ वाला कर दिया. फिर मैंने एक क्रू मेम्बर से उन्हें कॉल करने के लिए कहा और जैसे ही वह एक गंभीर सीन की तैयारी करने के लिए बैठीं, उनका फोन बज उठा.
पूरा कमरा ठहाकों से गूंज उठा और स्मिता दीदी घबराकर इधर-उधर देखने लगीं कि बकरे की आवाज़ कहां से आ रही है. जब उन्हें पता चला कि यह मज़ाक मैंने किया है, तब उन्होंने इसे एक खेल की तरह लिया और ख़ुद को हंसने से नहीं रोक पाईं. उस दिन पूरे सेट के लोग थोड़ी-थोड़ी देर में खिलखिलाते रहे और यह अब भी हम सबकी ख़ुशनुमा यादों में से एक है!

सोनल पंवार- हो सकता है कि स्क्रीन पर मलाइका गंभीर हो, लेकिन ऑफ स्क्रीन मैं उससे एकदम विपरीत हूं, ख़ासकर अप्रैल फूल्स डे के मामले में! एक साल मैं सेट पर एक डिब्बा लेकर गई, जिसमें स्वादिष्ट चॉकलेट लड्डू जैसी दिखने वाली चीज़ थी. लेकिन उसमें एक ट्विस्ट था, वह लड्डू तो बिल्कुल नहीं थे, बल्कि मैंने पीसे हुए आलू पर कोको पाउडर लगाकर असली मिठाई जैसा दिखने वाला बना दिया था. वह डिब्बा देखकर सभी उत्सुक थे, ख़ासकर आर्यन प्रजापति (ऋतिक) और ज़ारा वारसी (चमची). लेकिन जैसे ही उन्होंने एक बाइट ली, उनकी ख़ुशी संदेह में बदल गई. हम घंटों तक हंसते रहे. हालांकि, बाद में मैंने सभी को असली मिठाई भी खिलाई, पर आज तक 1 अप्रैल को मेरे ‘गिफ्ट्स’ पर कोई भरोसा नहीं करता है.

दर्शन गुर्जर- अप्रैल फूल्स डे पर सेट पर हर कोई प्रैंक करने के लिए तैयार रहता है. 'पुष्पा इम्पॉसिबल' के सेट्स पर तो यह आम बात हो गई है. एक बार, मैंने नवीन के साथ मिलकर एक क्रू मेंबर को यक़ीन दिला दिया कि उनका फोन टूट गया है, बस उनकी स्क्रीन वॉलपेपर को क्रैक इमेज में बदलकर. उन्हें इसे समझने में थोड़ा समय लगा, और तब तक हम ख़ूब हंसी कर चुके थे. तो मेरी सलाह होगी कि अलर्ट रहें और किसी भी बात पर जल्दी से भरोसा न करें. हैप्पी अप्रैल फूल्स डे!
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